The Poetry Section
A poet is, before anything else, a person who is passionately in love with language." — W.H. Auden
1) Say yes to life say no to drugs
नशे को ना , जिदंगी को हाँ ----a poem by Nitu Saha
नष्ट होना नहीं चाहता मैं
बर्बाद होना नहीं चाहता मैं
ख़त्म भी होना नहीं चाहता मैं
तो क्यों मैंने आज जीने की उम्मीद खो दी है
क्यों मैंने खुदको इस समाज से दूर कर लिया है
क्यों बिना कारण मैं एक उलटी दिशा में चल रहा हूँ
क्यों बिना कारण ही मैं इस दलदल में फंसता जा रहा हूँ
क्यों इसे शुरू करके अब छोड़ नहीं पा रहा हूँ मैं
आखिर क्यों
आखिर क्यों इस सवाल का जवाब नहीं ढूंढ पा रहा हूँ मैं
नशे में खो दिया है आज सब कुछ मैंने
क्यों वक़्त रहते जीवन का अर्थ नहीं समझा मैंने
क्यों नहीं सुना मैंने तब अपनों की आवाजें
दुःख देके अपनों को ,दर्द देके अपनों को
सिर्फ अपमान ही तो पाया है मैंने
पढ़ाई -लिखाई करके क्या होगा ये भी नहीं समझा मैंने
पढ़ाई के पैसों से सिर्फ नशा ही नशा किया है मैंने
एक बार नहीं ,दो बार नहीं ,तीन -चार -पांच बार भी नहीं
बार बार हर बार सिर्फ यही ही तो किया है मैंने
मुश्किल से चलता है ये घर - संसार
कभी नहीं ये समझा मैंने
नशे में ही दिन ,नशे में ही रात
ऐसे ही एक - एक दिन काटा है मैंने
लोग हँसते थे मुझपर
मेरे अपनों को भी बहुत सुनाते थे
लेकिन मैंने कभी समझने की कोशिश नहीं की
जिंदगी होते हुए भी अब मरना होगा मुझे
मैंने फिर भी हर बार यही गलती की
बार- बार हजार बार बस यही गलती की
लेकिन दोस्तों तुम्हारे पास वक़्त है
अभी भी वक़्त है तुम्हारे पास
काण खोलके सुन लो तुम सब आज
इस नशे को कभी भी अपनी जिंदगी मत बनने दो
इसे आज और अभी अपने जीवन से निकाल दो
ये नशा तुम्हे कही का नहीं छोड़ेगा
तुम अभी इसे जीवन से निकाल दो
नशे की गुलाम अब और मत बनो
तुम सब अपने लिए एक आजाद जिंदगी चुनो
काले धुएं के साथ साथ उड़ना तुम आज से ही बंद कर दो
खुली हवा और खुली आसमान के नीचे
तुम फिर से एक नई दुनिया बसा लो
इस नशे की कोई जरूरत नहीं है जिंदगी में
तुम आज से ही इसके बारे में सोचना बंद कर दो
तुम्हे जिंदगी में अभी बहुत कुछ देखना है,बहुत कुछ करना है
इसलिए नशे को नहीं अब तुम जिंदगी को अपनालो
जिंदगी को अपनालो
इंसान हो आजाद पैदा हुए थे आजाद होकर जिओ
इस गुलामी और अँधेरे से अब अपने आपको तुम मुक्त कर लो
अपने आपको तुम मुक्त कर लो
निडर बनो , साहसी बनो
अपने अंदर की ताकत को पहचानो
अपनों के तरफ फिर से एक बार तुम देखने की कोशिश करो
अब कुछ नई और अच्छी आदतों को तुम धीरे धीरे अपनाने की कोशिश करो
ऐसे ही सब मिलकर अब एक स्वस्थ दुनिया बनाओ
एक ही सुर में अब सब दिल खोल के गाओ
जिंदगी को हाँ , नशे को ना
जिंदगी को हाँ , नशे को ना
जिंदगी को हाँ , नशे को ना
एक बार नहीं, दो बार नहीं, बार- बार गाओ
एक बार नहीं, दो बार नहीं, बार- बार गाओ ...
A poem on monsoon by Nitu Saha
ये बारिश...
बहुत खुबसुरत है ये बारिश का मौसम
एक एक बूँद किसी मोती से कम नहीं
मिट्टी की खुशबू के साथ साथ
खिल उठता है हरियाली चारो तरफ इन बारिश के दिनों में
बज उठता है चारों तरफ छम -छम संगीत भी ।
खुश होकर बच्चा भी नाचे , जवान भी झूमे और
बूढ़े भी गुन गुनाते है कभी -कभी ,
हर साल कितनी ही यादें और सौगातें लेकर
धरती पर आती है ये बारिश
कही पे आशीर्वाद बनकर गिरती है तो
कही कही अभिशाप भी बनकर गिरती है ये बारिश ।
सच मुश्किलें तो तमाम आती है इन बारिश के दिनों में
लेकिन ये बारिश इतनी भी तो ख़राब नहीं ,
जो दुःख और दर्द भुगतना पड़ता है इन बारिश के दिनों में हमें
इसमें बारिश की तो कोई क़सूर नहीं ।
गलती तो हम इंसानो से ही हुई है
और सब ये मान भी रहे है अभी ,
हमने ही अपने हाथो से इस दुनिया का ये हाल किया है
तो फल भी हमें ही भुगतना होगा अभी ।
मानते है आज विज्ञान बहुत शक्तिशाली हो चुकी है
लेकिन कुदरत से बड़ा कुछ भी नहीं ,
कुदरत कितना भयानक रूप ले सकता है
ये तो हम सब ने ही देखा है कभी न कभी ।
ये कुदरत सब कुछ देता है तो सब कुछ छीन भी सकता है
क्या अभी तक हमने इस्से कुछ सीखा नहीं ???
विकास के नाम पर कही हम विनाश को तो नहीं बुला रहे
फिर से एकबार सोचना ही होगा हमें अभी ।
दोस्तों कुदरत की हमेशा क़दर करना
धुप हो या बारिश सबका खुलके आनंद लेना
"जल ही जीवन है " इस बात का भी हमेंशा ख्याल रखना
इसकी एक एक बूँद हमें ही बचाना है
ये जिम्मेदारी भी तुम अच्छे से निभाना ...
हर बार अच्छे से निभाना ...
Motivational Poems ( in Hindi ) Poems About Life — by Nitu Saha
दोस्तों दिल से निकली कुछ बातें कागज पर उतारा है ,
गौर से देखा तो लगा जैसे ये कोई कविता है ,
एक उम्मीद लेके आज ये आपके साथ साझा करने जा रही हूँ ,
क्योंकि शायद आपभी कही न कही इन बातों से इत्तफाक जरूर रखते होंगे ।
जिंदगी क्या है ,
क्यों है,
हम क्या है ,
हम क्यों है
-ऐसे सवाल कभी न कभी हम ने अपने आप से जरूर पूछा है ।
जिंदगी में इतने सारे उतार -चढ़ाव देखने के बाद हम ऐसे बहुत सारे सवाल अपने आपसे जरूर पूछते है,
लोगो से भी जानने की कोशिश करते है ,
उस परम शांति और उस परम सुख की तालाश में रात-दिन लगे रहते है ।
मैं भी ऐसे बहुत से हालातों से गुजर चुकी हूँ और जब मेने अपने आपसे सवाल किया तब जवाब में मैंने बहुत कुछ पाया और आज वही सब मैं इस कविता के माध्यम से आपके साथ साझा करने जा रही हूँ ।
उम्मीद करती हूँ की आप भी मुझसे सहमत होंगे।
वक्त - कल और आज (by Nitu Saha)
अलग अलग रंग है, अलग अलग ढंग है
हर कोई यहाँ एक से बरकर एक है।
रंग -रंगीले दोस्तों से सजी अपनी छोटी सी ये कक्षा है
दिन भर लड़ते- झगड़ते रहते है
लेकिन फिर भी हम सब एक है।
यहाँ एक इतना हंसाता है तो एक इतना गुनगुनाता है,
एक इतना गुमसुम सा रहता है तो एक हमेशा चिल्लाता है ;
एक इतना शर्माता है यहाँ और एक इतना पकाता है ,
दो -चार को तो कभी बातों से ही फुर्सत नहीं मिलती
तो एक बस हमेशा खाने के पीछे ही लगा रहता है ।
इधर देर से आने की आदत एक की कभी जाती नहीं है
उधर एक के नाक से गुस्सा कभी उतरती ही नहीं है,
यहाँ एक तरफ तो कोई बस फ़ोन के साथ ही लगा रहता है हर पल
तो दुसरी और किताबों के कीड़े लाइन लगाते है;
तीसरी तरफ प्यार के पंछी कोने में बैठकर न जाने क्या क्या सपने सजाते है
और चौथी तरफ कोई बस हमेशा सोच के समंदर में ही डूबा रहता है;
एक में इतना बचपना भरा है अभी भी
तो एक यहाँ एकदम पागल सा भी लगता है;
दो -चार को कभी कभी समझना मुश्किल ही हो जाता है
लेकिन कोई है जो एक दम पानी सा भी लगता है ;
चाहे कितना भी लड़ना - झगड़ना हो यहाँ
लेकिन किसी के भी मन में कोई मेल नहीं है ।
चाहे कितना भी लड़ना - झगड़ना हो यहाँ
किसी के भी मन में कोई मेल नहीं है।
काश वो वक्त वही रूक जाता ,
काश हम वैसे ही हर रोज़ मिल पाते ,
हर दिन कॉलेज जा पाते , हर दिन दोस्तों से मिल पाते ,
हर दिन यू ही खिलखिलाते और
हर दिन मुस्कुराते....
लेकिन एक दिन कॉलेज खत्म हो ही गई
और रिजल्ट भी आ गया सबके हाथों में ;
कॉलेज छूटी , दोस्त भी दूर चले गए
रह गए बस उनसे जुड़ी कुछ खूबसूरत यादें।
उन यादों को ही साथ लेकर चलती हूँ मैं अब हर रोज
शायद मेरे दोस्तों का भी यही हाल है ;
आज भविष्य को लेकर भी कुछ चिंताए है
और कुछ कुछ जिम्मेदारियों का भी एहसास हो रहा है।
धीरे -धीरे ज़िन्दगी भी आज कुछ बदल सा गया है , कुछ नए दोस्त भी मिल रहे है ,
लेकिन कॉलेज के वो दिन तो हमेशा ही याद आती रहती है
दोस्तों से बिछड़ जाने का गम अब भी बहुत सताती है।
यू तो आज बहुत से नए लोगो को दोस्त बनाने की कोशिश करती हूँ
लेकिन वो वाली बात आज कही मिलती ही नहीं है ;
क्या करू ... कुछ कर भी तो नहीं सकती
वक़्त के हाथों हम सभी मजबूर है।
अब उम्मीद तो यही है सदा ये दोस्तीं बनीं रहेगी
हम चाहे मिले या न मिले
दिल में तो मोहव्बत हमेशा ही रहेगी ।
दोस्त चाहे कहीं भी रहे
यादें तो हमेशा याद आती ही रहेगी,
जो जहा रहे हमेशा खुशी में ही रहे
दिल से तो अब बस यही दुआ निकलती रहेगी
बस यही दुआ निकलती रहेगी ...
वैसे आज कल तो Internet का ही जमाना है
तो थोड़ी थोड़ी खबरें तो सबकी मिलती ही रहेगी ।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आधारित एक प्रेरणादायक कविता
हमारें पूर्वजों से मिला ये योग एक अनमोल उपहार है
लेकिन अफ़सोस .. मैंने इसकी कीमत बहुत देर से जाना है
लेकिन जब से इसे जाना है तब से ये जिंदगी कुछ बदल सी गई है
अब तो हर दिन ही शुक्रिया कहती हूँ मैं इस योग को
क्यूंकि इसने मेरी बहुत मदद की है
बहुत मदद की है।
एक वक़्त ऐसा भी आया मेरे जीवन में जब हर तरफ मुझे सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा नजर आ रहा था
आत्मविश्वास मैं खो चुकी थी और ये जिंदगी एक बोझ जैसा लगने लगा था।
तब फिर से मैंने एक नई रोश्नी की तलाश शुरू की
एक दिन ऐसे ही बिना सोचें -समझें मैंने योग को अपना लिया ...
फिर देखा धीरे धीरे मेरे जीवन में भी नयापन आने लगी
जो जो पहले खो चुकी थी वो सब भी धीरे धीरे मुझे वापस मिलने लगी ;
जो बातें पहले डॉक्टर साहब को बताने में शर्माती थी ,कतराती थी
अब तो वो बातें रही ही नहीं
आत्मसंतुष्टि भी मुझे मिली और परमानन्द की भी मुझे प्राप्ति हो गई।
ये जो सफर रहा मेरा एक शानदार सफर रहा
जो आज भी जारी है
ये जिंदगी मेरी फिर से खूबसूरत बन गई
जिस उद्देश्य को लेकर ये सफर शुरू किया था मैंने
आज वो उद्देश्य भी मेरी पूरी हो गई
सच में पूरी हो गई ...
इसलिए अब सबसे मैं बस एक ही बात कहती हूँ कि
ये योग चमत्कारी है
इसे एक दवाई की तरह लेना तुम हर दिन
ये इंसान को पूरी तरह से निरोगी बना सकता है
पूरी तरह से निरोगी बना सकता है।
आप सभी इसे अपनाओ
आपको सूख और शान्ति तमाम मिलेगी
चेहरा खिल उठेगा आपका , आप ऊर्जावान बनोगे
शारीरिक और मानसिक रूप से आपको तमाम शांति मिलेगी ,बहुत सुकून मिलेगी।
संत कबीर कहते है "जो कल करे सो आज , आज करे सो अभी "
अगर आप भी इसे सीखना चाहते हो तो शुरू कर दो अभी
अभी के अभी।
मान लो और ठान लो
पूरे विश्वास और लगन के साथ आप अभ्यास शुरू कर दो
इसे एक आदत बना लो और अपने दिनचर्या में भी इसे हमेशा के लिए शामिल कर लो
ये सब के लिए है
इसलिए आप खर्चे की चिंता बिल्कुल मत करो
कम खर्चे में भी ये बहुत लाभ देता है
इसलिए आप इसे आज और अभी अपनालो
आज और अभी अपनालो।
दोस्तों मुझे जो बात कहनी थी इस कविता के माध्यम से मैंने वो कह दी
अब बारी आपकी है
दो- तीन साल पहले मैंने एक संकल्प ली थी
अब आप सब को भी लेना है
आप अब और देरी बिलकुल मत करो
इस योग दिवस पर आप भी एक एक संकल्प ले लो
हमेशा खुश रहो ,हमेशा स्वास्थ रहो
और
अपनी अपनी जिंदगी जी भर के जिओ
जी भर के जिओ...
जानती हूँ ये एकतरफा प्यार है (by Nitu Saha)
दिल की बातें आज फिर से जुबां पर लाई हूँ
हर बार जो कहती हूँ आज भी वही कहने आई हूँ
तू तो जानता है सब कुछ शायद मैं भी जानती हूँ
लेकिन फिर भी वही फ़रियाद लेकर आज फिर से तेरे दर पे आई हूँ
आज फिर से तेरे दर पे आई हूँ ।
सारी दुनिया को छोड़ के
सिर्फ उन्ही से दिल लगाया है
इस दिल ने अगर किसी को दिल से चाहा है
तो बस उन्हे ही चाहा है ।
मेरे हर साँसों में , मेरे हर धड़कनो में
सिर्फ उन्ही का नाम लिखा है
मेरे हर ख्वाबों में , मेरे हर यादों में
सिर्फ वो ही आते जाते रहते है ।
क्यों हर बार सिर्फ उन्ही का चेहरा आता है मेरे सामने
नहीं जानती ये केसा इशारा है,
या मौला बहुत ही खूबसूरत सपना दिखाया है तूने मुुुझे
एक बार मिलने का भी मौका दे दे उनसे ।
इंतजार की घड़िया कुछ ज्यादा ही लम्बी हो चुकी है
अब तो बेचैनी भी कुछ कुछ बढ़ती जा रही है
इस दिल की धड़कने कही थम ही न जाय
हो सके तो इससे पहले ही मिला दे उनसे ।
क्या ये सच है या कोई भ्रम
जानना चाहती हु अब मैं
कम से कम यही जानने का एक मौका देदे,
हाँ ये एक तरफ़ा प्यार है जानती हूँ मैं भी
लेकिन विश्वास अभी भी बरकरार है मुझमें ।
इस विश्वास को कभी टूटने मत देना मेरे मौला
यही तो मिन्नतें बार बार करती हूँ तुझसे,
सिर्फ एक बार उनसे मिला दे
इसके अलावा और कुछ नहीं मांगूंगी तुझसे
और कुछ नहीं मांगूंगी तुझसे ....
कोरोना वायरस पर एक कविता (by Nitu Saha)
देख उपरवाले आज इस दुनिया का क्या हाल है
हर शख्स परेशान है , हर दिल में आज खोफ है।
गम का ये जो बादल है हर तरफ ही आज छाया है
उम्मीद भी आज कुछ कम कम सा है
विश्वास भी आज डगमगा रहा है।
कोई दवा नहीं बनी है अभी तक
सुरक्षित रहने का बस एक ही उपाय है
कुछ दिन घर पर ही रहना है सबको
अनुशासन के साथ जिंदगी जिना है।
ये बातें तो आज सबको ही पता है
मास्क पहेनना है , हाथो को साफ़ रखना है
भीड़-भाड़ से खुदको दूर रखना है , एक स्वस्थ जीवन जीना है।
लेकिन ये सिर्फ २१ दिनों की ही बात नहीं
सफर बहुत लम्बी होने वाली है
साफ़ सफाई के साथ साथ हमें पानी भी तो बचाना है।
कोरोना के बाद इस दुनिया का क्या हाल होगा ये मुझे नहीं मालूम
लेकिन आने वाला कल शायद इस्से भी भयावह होने वाला है;
अभी से कमर कस लो सब लोग
आगे का सफर और भी मुश्किल होने वाला है।
आज सुनसान लेकिन साफ सुथरी सड़के है
साफ हवा-पानी साफ नीला आसमान है
सच में...
प्रकृति तो आज बहुत शांत है
लेकिन कुछ घरों में सिर्फ अशांति ही अशांति है
कुछ लोग तो फिर भी खा पी के अच्छे से जी रहे है
लेकिन किसी किसी की हालत आज बेहद खराब है।
आज जब शांत मन से ये सब सोचती हूँ
बस एक ही सवाल मन में आता है
आज जो ये असुविधाएं हमें मिल रही है
क्या ये देश हित से भी बड़ी है ???
नहीं पता क्या सही है क्या गलत है
नही पता क्या सच है क्या झुठ है
अंजाना एक डर दिल में है,
हर नियमों का सख्ती से पालन कर रहें है;
ये जो जिन्दगी हम सबको मिली है बहुत ही किमती है
हमें इसे एैसे ही गवाना नहीं है।
अपने लिए न सही अपनों के लिए तो हमें सोचना है
इंसानियत अभी खतम नहीं हुई है इस दुनिया से
मुझे उस उपरवाले पर पुरा विश्वास है... पुरा विश्वास है।
समस्या का समाधान जल्द ही निकलेगा
मेहनत भी सबकी सफल होगी
गम का बादल जल्द ही हटेगा
बस कुछ देर और धेर्य रखना है हमें अभी।
poem on life in hindi by Nitu Saha
हमेशा याद रखना
परिस्थितिया चाहे कुछ भी हो
कोशिश हमेशा जारी रखना
कुछ अपने लिए कुछ अपनों के लिए
हमेशा करते रहना
कभी मौका मिले तो
समाज को भी कुछ देते जाना
सेवा में ही शांति छुपी है
ये सच भी हमेशा याद रखना
उम्र को कभी बेड़ियाँ मत बनने देना
हर पल को जी भर के जि लेना
कुछ नया करने की चाहत हमेशा ही अपने मन में रखना
सपने सच करने की राह पर
अपनों को भी साथ बनाए रखना
दर्द चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो
बर्दाश्त करने की ताकत हमेशा ही अपने पास रखना
लेकिन बर्दाश्त करने की भी एक हद होती है
इस बात का भी ख्याल हमेशा रखना
अपना कीमती समय कभी भी किसी के इंतज़ार में बर्बाद न करना
अपने सपनों को हमेशा अपने दम पर ही पूरा करने को कोशिश करना
अन्याय होते हुए देख कभी भी चुप न रहना
दुनिया चाहे कितनी भी बुरी क्यों न हो
तुम अपनी नेकी कभी मत छोड़ना
रोज़ अच्छा भोजन करना और रातको अच्छे से सोना
हंसी ख़ुशी के साथ बस ऐसे ही
जिंदगी जी भर के जी लेना
जी भर के जी लेना...
हाथों की लकीरें चाहे कुछ भी कहे
हिम्मत को कभी टूटने मत देना
मेहनत और विश्वास से तो इंसान चट्टान भी हिला सकता है
ये सच भी हमेशा याद रखना
हमेशा याद रखना...
जिंदगी (by Nitu Saha)
जिंदगी जीना इतना आसान नहीं होता
और ये सच हम सभी जानते है
लेकिन जिंदगी इतनी भी मुश्किल नहीं होती
जितना हम इसे सोचते और समझते रहते है
मुश्किलें है तभी तो जिंदगी का एक मतलब होता है
यहां जो कुछ भी अच्छा या बुरा होता है
सब हम पर ही तो निर्भर करता है
जिंदगी तो है एक खुशबु की तरह
जिसे कोई रोक नहीं सकता
जिंदगी तो एक सफर होती है
जो आपको - हमको हम सभी को है पता
ये जिंदगी भी बड़ी कमाल की होती है
है ना ???
कभी ये कितना हसाता है और कभी कितना रुला जाता है
लेकिन फिर भी
जिंदगी तो जिंदगी ही होती है
हर पल कैसे भी
मगर हमे तो यहाँ जीना ही होता है
कभी खुद के लिए तो कभी किसी और के लिए
हमें तो जीना ही होता है
अरे..... एक ही तो जिंदगी मिलती है हमे यहाँ
तो दो बार क्या सोचना
दुःख - सुख तो आता - जाता रहेगा
तो जिंदगी से फिर क्या डरना
हंसी कीमती है , आंसू भी है बहुत कीमती
लेकिन इससे भी ज्यादा कीमती होती है
हमारे आँखों में बसे कुछ सपने
सपनो से ही तो जिंदगी खूबसूरत बनता है
सपनो के बिन जिंदगी कितना अधुरा सा लगता है
इन सपनो को कभी खोना नहीं चाहिए
इन सपनो को कभी रोकना नहीं चाहिए
क्योंकि किसे पता
न जाने अगले ही पल ये जिंदगी कहा से कहा ले जाए हमें ....
शुक्रिया COVID-19 (by Nitu Saha)
कहते है भगवान के घर देर लेकिन अंधेर कभी नहीं होता है,
ये समय बहुत बलवान होता है
सच में ये समय बहुत बलवान होता है ।
एक उतार -चढ़ाव से भरी जिंदगी जी रही थी मैं बरसों से
लेकिन तभी साल 2019 आया ,
अचानक बहुत कुछ बदल गया मेरे जिंदगी में
लगने लगा जैसे कि अब सब ठीक हो जायेगा ,सब अच्छा हो जायेगा ....
जिंदगी सच में मेरी फिर से खुशियों से भरने लगी थी साल के शुरुवात से ही
दिल में जो अरमान छुपा रखी थी बरसो से मैंने
धीरे धीरे वो भी आँखों के सामने सच होते हुए मैं देख रही थी ;
लेकिन हमेशा सब कुछ वैसा नहीं होता जैसा कि हम सोचते है
छोटी छोटी खुशिया तो बहुत मिली साल २०१९ में
लेकिन सपनो वो राजकुमार नहीं आया इस साल भी मेरी जिदंगी में ।
इस साल भी मैं मन्नतें मांगती रह गई अपने भगवान के सामने
देखते देखते साल २०१९ भी गुजर गया ,
आया फिर से एक और नया साल
लेकिन मेरे जिंदगी में कुछ नहीं बदला ।
वैसे मानना होगा , साल २०२० भी कमाल का था
आँखों के सामने जान बूझकर जो पर्दा डाल रखी थी मैंने बरसो से
इस बार २०२० ने तो पूरी तरह से हटवा दिया ।
इस महामारी ने वैसे तो बहुत लोगो की जिंदगी तबाह कर दी है
लेकिन मुझे ख़ुशी इस बात की है कि
इस महामारी ने मुझे और तबाह होने से बचा लिया है ।
अब मैं और सपने नहीं देखूंगी उन्हें लेकर
वो शायद मेरे लिए बने ही नहीं है ,
बहुत वक़्त बर्बाद कर लिया है मैंने उनके इंतज़ार में
अब और नहीं ....
अब आगे बढ़ना चाहती हु मैं ।
शुक्रिया COVID-19 , आज तुम्हारे वजह से ही मैंने सच्चाई को देखा है ।
अब और इंतज़ार नहीं करुँगी मैं और ना ही मुझे किसी बात का कोई पछतावा है ,
ये जो एकतरफा प्यार होता है इसकी ताकत तो कुछ और ही होता है
वो इंसान चाहे मिले या न मिले
लेकिन फिर भी बहुत कुछ मिल जाता है ।
मुझे ख़ुशी है कि मैंने ये एकतरफा प्यार भी पूरी सच्चाई से निभाया है
मुझे ख़ुशी है कि मैंने आज प्यार की असली मतलब को समझा है ।
साल २०२० ने मुझे आजाद होना सिखाया है
साल २०२० ने मुझे और भी ज्यादा मजबूत बनाया है ।
जो मेरा है वो तो मुझे कैसे भी मिल ही जायेगा एक दिन ;
लेकिन इस इंतज़ार में मैं अपना आज क्यों बर्बाद करू
किसी से शादी करके रानी बनने से तो बेहतर है कि
क्यूना मैं खुद ही अपना एक साम्राज्य खड़ी कर दू ।
उपरवाले ने जो जिंदगी दी है वो अनमोल है
उसे ऐसे ही कैसे हाथ से जाने दू ,
जिस माता - पिता ने जनम दिया है
उनके सपनो को ऐसे कैसे इतनी आसानी से भुला दू ।
बेटी हूँ तो क्या हुआ बेटो की तरह मैं भी माता - पिता को
हर सुख देने की ताकत रखती हूँ
अपने पैरो पर खड़ी होकर दुनिया को भी मैं
अपना दम दिखने की हिम्मत रखती हूँ ।
अब नहीं चाहिए कोई राजकुमार
बस तमन्ना सिर्फ उस एक सच्चे साथी का है
जो मुझे मेरे अच्छाई और बुराई दोनों के साथ अपना सकें ,
मेरे सपने को भी जो अपना सपना मान ले
अब तो बस उसी एक सच्चे साथी की तलाश है ।
हम पास रहे या दूर रहे
लेकिन रिश्तों में प्यार ,विश्वास और ईमानदारी हमेशा बरकरार रहे
जिंदगी में चाहें कितनी भी मुश्किलें क्यों न आए
लेकिन साथ रहने की इच्छा हमेंशा दोनों के मन में रहे
हमेंशा दोनों के मन में रहे.........
यहाँ के हम सिकन्दर
(Source:DD National) Part 1
ये कितने छोटे -लम्बे पल
ये आज की बातें बिता कल
ये एक शहर है सपनो का
वो एक गली वो एक खिड़की
जो सपनो सी खुल जाती है
पागल सा वो एक लड़का और चंचल सी वो एक लड़की
और कितने चेहरे ख्वाबों के
हर रोज़ सड़क पर मिलते है
ये उम्मीदों के शहजादे
सपनो के शहर के ये वासी
दुनिया का धड़कता दिल है ये
हिम्मत का एक समंदर है
यहाँ के ये सिकंदर है
यहाँ के ये सिकंदर है
ये भक्कर भी है राजा भी
दुनिया का बजा दे बाजा भी
ये लंगर डाले चाँद पे भी
और बॉल बनाले सूरज की भी
पड़ी जान दे बोल के ये
हर मुश्किल से भीड़ जाते है
एक जेब झटक दे जहा भी ये
सपनो के ढेर लगाते है
ये उम्मीदों के शहजादे
सपनो के शहर के ये वासी
दुनिया का धड़कता दिल है ये
हिम्मत का एक समंदर है
यहाँ के ये सिकंदर है
यहाँ के ये सिकंदर है
Part 2
ख्वाबों का एक मोहल्ला है
सब गालिया नुक्कड़ घर द्वारें
सब आँगन चीड़ी चोवारे
कितनी यादों को समेटे है
वो लम्हे जो के बीत गए
वो लम्हे जो के साथ रहे
वो सारी बातें यारों की
कुछ जीतो की कुछ हारो की
गरम चाय के प्याले कुछ
वो चुराके खाये निवाले कुछ
बस्ते में छुपी खुशिया सारी
एक आँख जो उसने थी मारी
वो लड़की भोली भाली सी
जो मुझसे हंसकर मिलती थी
वो लड़का कुछ शर्मीला सा
जो चुप रहता पर आखो से सब था कहता
और ऐसी ही कितनी यादें
सब याद रहेंगे सदियों तक
हम रोज़ नहीं मिल पायेंगे
पर याद हमेशा आयेंगे
ख्वाबों का जो ये मोहल्ला है
इसमें यादों के समंदर है
यहाँ के सब सिकंदर है...
यहाँ के सब सिकंदर है ...

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